Tata
Motors
ने
लंबे
इंतजार
के
बाद
हैरियर
एसयूवी
में
पेट्रोल
इंजन
का
विकल्प
जोड़ा
है।
Tata
Harrier
Petrol
में
नया
1.5
लीटर
हाइपरियन
टर्बो
पेट्रोल
इंजन
मुख्य
आकर्षण
है।
ये
डीजल
वर्जन
की
तुलना
में
कई
सुधार
लाता
है।
आइए,
नई
हैरियर
में
हुए
5
बड़े
बदलावों
के
बारे
में
जानते
हैं…
1.
नया
पेट्रोल
इंजन
हैरियर
पेट्रोल
में
1.5
लीटर
टर्बो
जीडीआई
(हाइपरियन)
इंजन
है,
जो
170
पीएस
पावर
और
280
एनएम
टॉर्क
उत्पन्न
करता
है।
डीजल
के
2.0
लीटर
इंजन
से
पावर
बराबर
है,
लेकिन
टॉर्क
थोड़ा
कम।
ये
इंजन
ज्यादा
रिफाइंड,
स्मूथ
और
शांत
है।
शहर
में
ड्राइविंग
के
लिए
परफेक्ट
ऑप्शन
हो
सकती
है।
कोल्ड
स्टार्ट
बेहतर
और
स्टॉप-गो
ट्रैफिक
में
बेहतर
एक्सपीरिएंस
मिलता
है।
2.
वजन
में
कमी
और
बेहतर
हैंडलिंग
पेट्रोल
इंजन
की
वजह
से
गाड़ी
का
वजन
डीजल
वर्जन
से
करीब
80
किलो
कम
हो
गया
है।
इससे
हैंडलिंग,
एक्सेलरेशन
और
ड्राइवेबिलिटी
सुधार
हुई
है।
राइड
क्वालिटी
पहले
से
ज्यादा
आरामदायक
लगती
है,
खासकर
हाईवे
पर
ओवरटेकिंग
आसान
होती
है।
3.
ट्रांसमिशन
विकल्प
6-स्पीड
मैनुअल
और
6-स्पीड
ऑटोमैटिक
(टॉर्क
कन्वर्टर)
दोनों
उपलब्ध
हैं।
ऑटोमैटिक
वर्जन
में
स्मूथ
शिफ्टिंग
मिलती
है।
इंजन
में
एडवांस
फीचर्स
जैसे
वेरिएबल
जियोमेट्री
टर्बो
और
एआई-बेस्ड
शिफ्ट
असिस्ट
हैं,
जो
परफॉर्मेंस
को
ऑप्टिमाइज
करते
हैं।
4.
नए
इंटीरियर
थीम
और
फीचर्स
पेट्रोल
वेरिएंट
में
ऑयस्टर
व्हाइट
और
टाइटन
ब्राउन
इंटीरियर
थीम,
प्रीमियम
लेदरेट
अपहोल्स्ट्री
और
18-इंच
नए
अलॉय
व्हील्स
मिलते
हैं।
अन्य
फीचर्स
जैसे-
पैनोरमिक
सनरूफ,
वेंटिलेटेड
सीट्स,
डुअल-जोन
क्लाइमेट
कंट्रोल,
जेस्चर
कंट्रोल्ड
टेलगेट
और
कनेक्टेड
टेक
बरकरार
हैं।
5.
किफायती
कीमत
और
ज्यादा
अपील
पेट्रोल
वर्जन
डीजल
से
सस्ता
है
(लगभग
1-1.5
लाख
कम),
जिससे
बेस
प्राइस
कम
हो
जाती
है।
शहरों
में
पेट्रोल
की
मांग
बढ़
रही
है
और
यह
विकल्प
एमजी
हेक्टर,
जीप
कंपास
जैसी
गाड़ियों
से
मुकाबला
मजबूत
करता
है।
कम
मेंटेनेंस
और
बेहतर
रिफाइनमेंट
से
शहरी
यूजर्स
को
ज्यादा
फायदा
होगा।
कुल
मिलाकर,
2026
टाटा
हैरियर
पेट्रोल
डीजल
की
ताकत
को
बनाए
रखते
हुए
ज्यादा
स्मूथनेस
और
रिफाइनमेंट
जोड़ता
है।
ये
उन
खरीदारों
के
लिए
बेस्ट
है,
जो
डीजल
की
आवाज
और
वाइब्रेशन
से
बचना
चाहते
हैं।
अगर
आप
शहर
में
ज्यादा
ड्राइव
करते
हैं,
तो
यह
विकल्प
शानदार
साबित
होगा।