AI-Based
Digital
Toll
Collection:
अगर
आप
भी
हाईवे
पर
गाड़ी
लेकर
निकलते
हैं,
तो
आपके
लिए
एक
बढ़िया
और
राहत
वाली
खबर
है।
केंद्रीय
सड़क
परिवहन
एवं
राजमार्ग
मंत्री
नितिन
गडकरी
ने
कहा
है
कि
2026
के
अंत
तक
भारत
में
AI-based
Digital
Toll
Collection
System
लागू
करने
की
तैयारी
है।
इस
नई
तकनीक
के
आने
के
बाद
टोल
प्लाजा
पर
रुकने
की
जरूरत
लगभग
खत्म
हो
जाएगी
और
यात्रा
पहले
से
ज्यादा
तेज,
आसान
और
टेंशन
फ्री
होगी।
क्या
है
AI-Based
Digital
Toll
Collection
टेक्नोलॉजी?
AI-based
डिजिटल
टोल
कलेक्शन
एक
एडवांस्ड
टेक्नोलॉजी
है,
जिसमें
आर्टिफिशियल
इंटेलिजेंस
(AI),
कैमरा,
सेंसर
और
ऑटोमेटेड
सिस्टम
का
इस्तेमाल
किया
जाएगा।
यह
सिस्टम
गाड़ी
की
नंबर
प्लेट,
मूवमेंट
और
दूरी
को
पहचानकर
अपने
आप
टोल
चार्ज
काट
लेगा।
इसमें
फिजिकल
टोल
बूथ
या
बैरियर
की
जरूरत
नहीं
होगी।
रिपोर्ट्स
की
मानें,
तो
इस
टेक
की
मदद
से
80
किलोमीटर
प्रति
घंटे
की
स्पीड
से
गुजरते
हुए
वाहनों
का
भी
टोल
कट
सकेगा,
जिससे
वेट
टाइम
जीरो
रह
जाएगा।
यह
तकनीक
पहले
से
कुछ
देशों
में
चल
रही
है,
जैसे
पोलैंड
में
जहां
सैटेलाइट
पोजिशनिंग
से
टोल
पेमेंट
मोबाइल
ऐप
से
होता
है।
भारत
में
यह
नेशनल
हाईवे
पर
लागू
होगा,
जिससे
ट्रैफिक
फ्लो
बेहतर
बनेगा।
कैसे
काम
करेंगा
AI-Based
Digital
Toll
Collection
सिस्टम?
नई
AI-Based
Digital
Toll
Collection
सिस्टम
के
तहत
हाई-रिजॉल्यूशन
कैमरे
और
AI
सॉफ्टवेयर
लगाए
जाएंगे,
जो
सड़क
पर
चलने
वाली
हर
गाड़ी
की
पहचान
करेंगे।
1.
जैसे
ही
वाहन
हाईवे
या
एक्सप्रेसवे
पर
एंट्री
करेगा,
सिस्टम
गाड़ी
की
नंबर
प्लेट
को
स्कैन
करेगा।
2.
गाड़ी
ने
जितनी
दूरी
तय
की
है,
उसी
हिसाब
से
Pay-Per-Use
मॉडल
पर
टोल
चार्ज
कैलकुलेट
होगा।
3.
तय
रकम
सीधे
वाहन
मालिक
के
डिजिटल
वॉलेट,
बैंक
अकाउंट
या
लिंक्ड
अकाउंट
से
कट
जाएगी।
4.
वाहन
को
कहीं
रुकने
या
FASTag
स्कैन
कराने
की
जरूरत
नहीं
पड़ेगी।
5.
AI
न
सिर्फ
टोल
कलेक्ट
करेगा,
बल्कि
ट्रैफिक
मॉनिटरिंग
भी
करेगा।
अगर
कहीं
एक्सीडेंट
हो
या
वाहन
खराब
हो
जाए,
तो
तुरंत
अलर्ट
भेजेगा।
इमरजेंसी
सर्विसेज
को
फास्ट
रिस्पॉन्स
मिलेगा।
समय
और
पैसे
की
होगी
बचत?
फिलहाल
FASTag
सिस्टम
में
टोल
प्लाजा
पर
रुककर
टैग
स्कैन
कराना
पड़ता
है,
जिससे
कई
बार
जाम
लग
जाता
है।
वहीं
AI-Based
टोल
सिस्टम
पूरी
तरह
Contactless
और
Barrier-Free
होगा।
इससे
टोल
प्लाजा
पर
लगने
वाली
लंबी
कतारें
खत्म
होंगी
और
समय
व
फ्यूल
दोनों
की
बचत
होगी।
कब
और
कैसे
लागू
होगा?
2026
के
अंत
तक
AI-Based
Digital
Toll
Collection
के
लिए
100%
कवरेज
का
टारगेट
है।
पहले
MLFF
पायलट
प्रोजेक्ट
चल
रहे
हैं,
जिन्हें
AI
से
अपग्रेड
किया
जाएगा।
यूजर्स
को
NHAI
ऐप
या
पोर्टल
से
रजिस्टर
करना
होगा।
सभी
जरूरी
अपडेट्स
के
लिए
आप
DriveSaprk
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के
साथ
बने
रहें।